विश्व भर से आ रहे शुभ विचारों का स्वागत करें।
युगो युगो से इस राष्ट्र के महान चिंतको एवं विचारकों ने इस समाज को शाश्वत मूल्यों के साथ संबंधित वैविध्य पूर्ण विचार और उद्देश्य दिए हैं। इन मूल्यों की एक अद्भुत विशेषता स्पष्ट रूप से परस्पर विरोधी विचार प्रवाहों के बीच तालमेल भरे संबंध स्थापित करने की है। इस समग्रता को वैदिक मंत्रों में विविध प्रकार से समझाई गई है, जैसे कि ‘पूर्णमद: पूर्णमिदं।’
इस दृष्टिकोण ने भारतीय समाज को भिन्न भिन्न विचार प्रवाहों की रचना करने का बल प्रदान किया, और ऐसे प्रत्येक प्रयत्न को श्रेष्ठ माना है। इतना ही नहीं, भारतीय सभ्यता ने दसों दिशाओं से प्राप्त श्रेष्ठ विचारों का स्वागत किया है।
भारतीय विचार मंच की मान्यता है कि यह पूर्ण विचार प्रक्रिया हमारे समाज और संस्कृति का चालक बल है। शाश्वत सिद्धांतों के मजबूत प्रतिष्ठान पर समयानुकूल गतिशील सामाजिक जीवन रचना यह हमारे राष्ट्र के श्रेष्ठत्व का प्रमाण है।
इस राष्ट्र के इतिहास के सभी महत्वपूर्ण चरणों पर विविध मार्ग से चल रहे किंतु समग्रता का दृष्टिकोण रखने वाले भिन्न-भिन्न मनीषियों ने समाज के सामान्य मनुष्य की चेतना को अधिक से अधिक प्रबल कीया है जो हमेशा राष्ट्र की शक्ति के स्वरूप में प्रकट हुआ है।
यद्यपि कुछ ऐतिहासिक, सामाजिक और राजकीय कारणों से एक लंबे समय से यह प्रक्रिया अत्यंत सुस्त होकर रह गई है।
भारतीय विचार मंच की ऐसी दृढ़ मान्यता है कि भारतीय मूल्य व्यवस्था, संस्कृति, विचारों, आस्थाओं और प्रकृति के प्रति आस्थावान एवं उन सिद्धांतों के आधार पर राष्ट्र के नवोत्थान के लिए संकल्पबद्ध ऐसे विभिन्न विचारधाराओं को धारण करने वाले विचारकों को परस्पर सहमति के सूत्र की खोज कर उसके आधार पर एक समान मंच पर लाने की प्रक्रिया को फिर से गतिमान करने की अत्यंत आवश्यकता है। यह प्रक्रिया एक रोचक व्यायाम बनने के साथ ही समाज जिस अनेक समस्याओं का सामना कर रहा है उसके संभवित समाधान ढूंढने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर सकती है।
मंच का लक्ष्य
- उदात्त भारतीय जीवन मूल्यों के आधार पर राष्ट्र जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में युगानुकूल पुनर्रचना की दिशा व सूत्रों की खोज करना ।
- विघटनकारी प्रवृत्तियों को जन्म देने वाले मजहबी, प्रसारवाद विदेशी विचारधाराओं एवम् सत्तालोलुप राजनीति के वास्तविक चरित्र एवम् गतिविधियों का ज्ञान देशवासियों को कराना तथा राष्ट्रीय एकता व सामाजिक समरसता का वायुमंडल तैयार करना ।
- मैकाले और मार्क्स के भारतीय मानसपुत्रों तथा वोट राजनीति के बन्दी राजनेताओं द्वारा फैलाये जा रहे दृष्टि विभ्रम और अपप्रचार का प्रभावी उत्तर देना ।
लक्ष्य प्राप्ति हेतु मंच के प्रयास
- अभी तक मंच ने वर्ष 2009 से सातत्यपूर्ण हर साल महत्वपूर्ण विषयों पर द्वि दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठियों को आयोजन किया हैं । –
- जिसमें सच्चर कमेटी रिपोर्ट, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हिंदुत्व, हिंदू राजनीति, धर्मांधता और साम्राज्यवाद, औपनिवेशिक मानसिकता से भारतीय मानस की मुक्ति, विश्व कल्याण : भारतीय मूल्यआधारित नवरचना जैसे और भी विषय हैं ।




















